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Delhi Election: वो 10 बड़े चेहरे जिन पर लड़ा गया दिल्ली चुनाव

  • मंगलवार को आएंगे दिल्ली चुनाव के नतीजे
  • AAP और बीजेपी का अपनी जीत का दावा

दिल्ली चुनाव के नतीजे मंगलवार (11 फरवरी) को आएंगे. चुनाव आयोग ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली हैं. स्ट्रॉन्ग रूम में जहां इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) रखी गई हैं, वहां सुरक्षा बलों की निगरानी सख्त है. इन जगहों पर आम आदमी पार्टी ने अपने कुछ वॉलन्टियर भी बिठाए हैं. उसे शक है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) चुनाव जीतने के लिए मशीनों के साथ छेड़छाड़ कर सकती है. हालांकि एग्जिट पोल आम आदमी पार्टी की प्रचंड जीत की ओर इशारा कर रहे हैं लेकिन बीजेपी भी अपनी जीत का दावा कर रही है.

कुछ विवादित बयानों से उपजे हंगामे को छोड़ दें तो दिल्ली का चुनाव शांतिपूर्ण बीत गया. अब सबकी निगाहें वोटों की काउंटिंग पर हैं. इस पूरे चुनाव प्रचार पर नजर डालें तो पाएंगे कि दिल्ली में 10 ऐसे अहम चेहरे रहे, जिनके इर्द-गिर्द चुनाव लड़े गए. इन्हीं चेहरों के आसपास चुनावी माहौल भी बना रहा. इन 10 चेहरों में नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मनोज तिवारी, परवेश वर्मा-अनुराग ठाकुर, योगी आदित्यनाथ, अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह, मनीष सिसोदिया, प्रियंका गांधी और नीतीश कुमार के नाम हैं जिन्होंने अपने प्रचार से लोगों को बांधे रखा.

नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी चुनाव प्रचार करते दिखे. हालांकि शुरू में उनकी केवल एक रैली हुई लेकिन बजट बाद वे प्रचार में सक्रिय दिखे. बीजेपी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आखिरी दौर में चुनाव प्रचार करने मैदान में उतरे. नरेंद्र मोदी ने दिल्ली चुनाव में दो दिन प्रचार किया, तीन फरवरी को पूर्वी दिल्ली के शाहदरा में रैली की और 4 फरवरी को पश्चिमी दिल्ली के द्वारका में रैली की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्वारका में चुनावी सभा के दौरान केंद्र सरकार की ओर से दिल्ली के लिए विशेष तौर पर किए गए कामों को गिनाया. उन्होंने कहा कि दिल्ली और सुंदर बने, यहां के लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिले, वह इसके लिए प्रयास कर रहे हैं. पीएम मोदी ने 1700 से अधिक अवैध कॉलोनियों में रजिस्ट्री शुरू कराने सहित कई कार्यों का उल्लेख किया.

अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 13 दिन तक प्रचार अभियान में हिस्सा लिया. उन्होंने 13 दिनों में 33 सभाएं और 8 रोड शो किए, जबकि बीजेपी अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने तकरीबन 54 सभाओं और रोड शो में भाग लिया. आखिरी दो हफ्तों में बीजेपी के चुनाव प्रचार अभियान की कमान पूरी तरह से अमित शाह ने अपनी हाथ में ले ली. 23 जनवरी से 6 फरवरी के बीच शाह ने दिल्ली में 13 दिन प्रचार किया और कुल मिलाकर 53 सभा व रोड शो किए. अमित शाह ने एक दिन एक कार्यकर्ता के घर डिनर किया. उन्होंने पैदल घर-घर जाकर वोट मांगे और तालकटोरा में बूथ कार्यकर्ताओं को संबोधित भी किया.

योगी आदित्यनाथ

शाहीन बाग के मुद्दे को भुनाने के लिए बीजेपी ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को भी आखिरी वक्त में चुनाव प्रचार अभियान में उतारा. योगी आदित्यनाथ ने एक फरवरी से चार फरवरी तक चार दिन दिल्ली में प्रचार किया. योगी ने कुल 12 रैलियों को संबोधित किया. योगी ने ज्यादातर उन सीटों पर प्रचार किया जहां पूर्वांचल के वोटर बड़ी तादाद में हैं. इसके अलावा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पांच, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली में 12 सभाओं को संबोधित किया.

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मनोज तिवारी

बीजेपी ने अपने सभी बड़े चेहरों को चुनाव-प्रचार में उतारा था. केंद्रीय मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक और सांसदों से लेकर विधायकों तक ने दिल्ली के चुनावी अखाड़े में पार्टी के लिए वोट मांगे, लेकिन इस सब से इतर दिल्ली में बीजेपी से जुड़े कई भोजपुरी सिनेमा स्टार भी सघन चुनाव प्रचार करते दिखे. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी खुद भी भोजपुरी फिल्मों में अभिनय और गायन कर चुके हैं. बतौर अध्यक्ष तिवारी की सभाएं यूं तो दिल्ली के सभी इलाकों में होनी चाहिए थी, लेकिन उनका भी फोकस ज्यादातर दिल्ली के पूर्वाचली बहुल इलाकों में रहा. इन इलाकों में तिवारी ने 40 से ज्यादा सभाएं की हैं. दिल्ली में 30 से 32 फीसदी तक मतदाता पूर्वाचली हैं, जो 25 सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाने की स्थिति में हैं. यही वजह है कि बीजेपी इन वोटरों को अपने पाले में लाने की कोशिश करती दिखी.

परवेश वर्मा-अनुराग ठाकुर

बीजेपी के ये दोनों नेता अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहे. यहां तक कि चुनाव आयोग को इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी पड़ी और इन्हें चुनाव प्रचार से भी दूर रहना पड़ा. परवेश वर्मा ने कहा, “मैं केजरीवाल को एक आतंकवादी कह रहा हूं, क्योंकि वह दिल्ली के लोगों को बंदूक पकड़ा रहे हैं. वह आप कार्यकर्ताओं को पैसे दे रहे हैं और उन्हें भड़काकर गोली चलवा रहे हैं. मैं लोगों से विकास के लिए मतदान करने की अपील करता हूं लेकिन आप दिल्ली में दंगा करवाना चाहती है. वे सभी मुस्लिमों के वोट लेना चाहते हैं.” कुछ इसी तरह का बयान केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने दिया. प्रचार के दौरान केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने एक जनसभा में नारेबाजी करवाई थी. अनुराग ठाकुर ने ‘देश के गद्दारों को…गोली मारो…’ के नारे लगवाए गए थे. इस पर चुनाव आयोग ने कड़ी कार्रवाई की. परवेश वर्मा ने शाहीन बाग की तुलना कश्मीर की स्थिति से की थी. उन्होंने अपने एक बयान में कहा था कि शाहीन बाग में जो लाखों लोग हैं वो एक दिन आपके घर में घुस जाएंगे, मां-बहनों का रेप करेंगे और लूटेंगे.

अरविंद केजरीवाल

दिल्ली में चुनावी घमासान के बाद अब सबकी नजरें नतीजों पर हैं. हर कोई मंगलवार की तरफ देख रहा है कि किसका मंगल होगा और इसमें भी सबसे ज्यादा नजरें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर टिकी हैं कि क्या वो दिल्ली में लगा पाएंगे अपनी ताजपोशी की हैट्रिक. आजतक-एक्सिस माई इंडिया का एग्जिट पोल दिल्ली में आम आदमी पार्टी की धमाकेदार वापसी का संकेत दे रहा है. अगर ये एग्जिट पोल सही साबित हुए तो अरविंद केजरीवाल लगातार तीसरी बार दिल्ली के सीएम बनेंगे. अगर अरविंद केजरीवाल एग्जिट पोल के आकलन के मुताबिक फिर से दिल्ली विजय कर लेते हैं तो उनकी शख्सियत में व्यापक इजाफा होगा.

संजय सिंह

एग्जिट पोल आने के बाद आम आदमी पार्टी काफी आश्वस्त है और उत्साहित है. आम आदमी पार्टी का कहना है कि जितने भी एग्जिट पोल आए हैं उन सभी में आम आदमी पार्टी की जीत बयां की गई है. दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनेगी. संजय सिंह का कहना है,  ‘आम आदमी पार्टी अपनी जीत के प्रति 100% आश्वस्त है. हम प्रचंड बहुमत के साथ दिल्ली में जीत रहे हैं. 2015 का रिकॉर्ड 2020 में दिल्ली की जनता तोड़ रही है.’ साथ ही संजय सिंह का कहना है कि दिल्ली की जनता ने विकास के मुद्दे पर वोट डाला है. बिजली पानी स्वास्थ्य शिक्षा इन्हीं मुद्दों को लेकर लोगों ने अरविंद केजरीवाल को जिताया है.

मनीष सिसोदिया

चुनाव में उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी काफी एक्टिव नजर आए. हालांकि मुख्यमंत्री के तौर पर मात्र 2 फीसदी लोग ही उन्हें पसंद करते हैं. एग्जिट पोल से ये निष्कर्ष सामने आया है कि कई सीटों पर लोग आप विधायक से नाराज थे, लेकिन वे केजरीवाल की वजह से आम आदमी पार्टी को वोट देना चाहते हैं. आजतक-एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के इस आंकड़ों के मुताबिक केजरीवाल को इस वक्त दिल्ली में सबसे ज्यादा 54 फीसदी लोग सीएम कैंडिडेट के रूप में देखना चाहते हैं. जबकि मात्र 2 फीसदी लोग मनीष सिसोदिया को बतौर सीएम देखना चाहते हैं.

प्रियंका गांधी-राहुल गांधी

कांग्रेस ने दिल्ली चुनावी की जंग जीतने के लिए शीला सरकार का सहारा लिया. कांग्रेस ने अपने चुनावी प्रचार में शीला दीक्षित सरकार के विकास कार्यों को लेकर फोकस किया, जिसके लिए उन्होंने ‘शीला वाली दिल्ली’ का टैगलाइन जारी किया. इसके अलावा चुनाव प्रचार के आखिरी दौर में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने उतरकर रैली की और मोदी और केजरीवाल सरकार पर निशाना साधा. साथ ही कांग्रेस ने मोदी सरकार पर संविधान पर हमला और समाज को बांटने का आरोप लगाया. कांग्रेस नेताओं ने पार्टी का अच्छा खासा प्रचार किया लेकिन आजतक एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल में कांग्रेस के हाथ खाली रहने के आसार दिख रहे हैं.

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नीतीश कुमार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिल्ली में एनडीए के लिए प्रचार किया. नीतीश कुमार ने दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर जमकर निशाना साधा. दिल्ली के संगम विहार में एनडीए की साझा रैली को संबोधित करते हुए नीतीश ने दिल्ली सरकार से सवाल किया कि पांच साल में क्या किया? सड़क की हालत जर्जर क्यों है? स्वास्थ्य सेवा बदहाल क्यों हैं? उन्होंने मुख्यमंत्री केजरीवाल से सवाल किया, “दिल्ली की जिम्मेदारी मिली थी, लेकिन आप सिर्फ झूठ बोलते रहे.” गौरतलब है कि दिल्ली चुनाव के बहाने बिहार की एनडीए पार्टियां एकजुटता दिखाने की कोशिश करती दिखीं. सभा में बीजेपी और जेडीयू के नेताओं के अलावा राम विलास पासवान की पार्टी एलजेपी से पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी शिरकत की.

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