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राजस्थान केसः सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका वापस नहीं लेंगे स्पीकर

  • HC ने बागी विधायकों के खिलाफ एक्शन पर रोक लगा रखी
  • सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को राजस्थान केस पर होगी सुनवाई

राजस्थान में सियासी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुकी है और इस संबंध में सोमवार को सुनवाई होनी है. लेकिन हाईकेोर्ट में जारी सुनवाई के बीच सुप्रीम कोर्ट में राजस्थान विधानसभा के स्पीकर सीपी जोशी अपनी याचिका वापस नहीं लेंगे.

स्पीकर सीपी जोशी के वकीलों के मुताबिक बेशक सुप्रीम कोर्ट में अब उनकी याचिका का कोई मतलब नहीं रह गया है क्योंकि राजस्थान हाईकोर्ट उनकी सुप्रीम कोर्ट में दी गई याचिका में उठाए गए मुद्दों पर सुनवाई कर रहा है.

ऐसे में सुप्रीम कोर्ट उनको हाईकोर्ट जाने की सलाह दे दे तो ठीक है वरना वो अपनी ओर से याचिका वापस लेने की दलील नहीं देंगे. स्पीकर के वकीलों का कहना है कि वे सोमवार तक अपनी याचिका वापस लेने को लेकर फैसला ले लेंगे.

हालांकि उन्होंने अभी तक यह तय नहीं किया है कि वे हाईकोर्ट के शुक्रवार के फैसले के खिलाफ अपील दायर करेंगे या नहीं.

बागी विधायकों पर ‘नो एक्शन’ का आदेश

सचिन पायलट गुट की याचिका पर सुनवाई करते हुए राजस्थान की हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते 23 जुलाई को अपने फैसले में स्पीकर से बागी विधायकों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लेने को कहा था. हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि शुक्रवार 24 जुलाई तक कोई एक्शन नहीं लिया जाए.

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इसी फैसले के खिलाफ राजस्थान के स्पीकर ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. गुरुवार को स्पीकर की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कहा गया कि कोई फैसला लेने से पहले ही हाईकोर्ट इस तरह मामले में दखल नहीं दे सकता है. यह संविधान और सुप्रीम कोर्ट के नियमों के ही खिलाफ है.

सुप्रीम कोर्ट ने नहीं लगाई रोक

हालांकि, तब सर्वोच्च अदालत ने हाईकोर्ट की सुनवाई पर रोक नहीं लगाई. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक दिन बाद ही हाईकोर्ट का फैसला आने वाला है, ऐसे में वो रोक नहीं लगाएंगे. अब इस मामले पर सोमवार को सुनवाई होगी.

सुप्रीम कोर्ट सोमवार को इस संबंध में सुनवाई करेगा कि क्या हाईकोर्ट स्पीकर के नोटिस के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर सकता है या नहीं? यानी सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला इसलिए भी अहम हो सकता है क्योंकि अगर भविष्य में ऐसी स्थिति पैदा होती है, तो उस पर भी यह फैसला लागू हो सकता है.

केंद्र बना पक्षकार

इस बीच पिछले हफ्ते शुक्रवार को राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सचिन पायलट गुट की ओर याचिका में कहा गया कि क्योंकि यह संवैधानिक मामला है, ऐसे में केंद्र सरकार भी इसमें पक्षकार होनी चाहिए. जिसे कोर्ट ने मान लिया.

हालांकि, स्पीकर सीपी जोशी गुट की ओर से इस याचिका का विरोध किया गया, लेकिन हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को पक्षकार बनाने की मंजूरी दे दी, जिसके बाद कानून मंत्रालय की ओर से अपना पक्ष रखा जाएगा. कोर्ट में केंद्र को पक्षकार बनाने के लिए विधायक पृथ्वीराज मीणा की ओर से याचिका दायर की गई थी.

स्पीकर के फैसले पर स्टे

हाईकोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र को पक्षकार बनाने की याचिका स्वीकार करने के साथ ही स्पीकर जोशी के फैसले पर स्टे भी लगा दिया. इससे स्पीकर ने बागी विधायकों को जो नोटिस दिया था, उस पर वो कोई एक्शन नहीं ले सकेंगे.

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ऐसे में सचिन पायलट गुट पर जो अयोग्य करार दिए जाने का संकट था वो कुछ वक्त के लिए टल गया है.

हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई अभी जारी रहेगी, लेकिन कब होगी इसकी तारीख नहीं बताई गई. तो वहीं सोमवार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई होनी है, ऐसे में कोर्ट के फैसले पर हर किसी की नजरें हैं.

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