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दिल्ली: लॉकडाउन में बढ़ा साइबर क्राइम, 90 फीसदी से ज्यादा का इजाफा

  • दिल्ली में साइबर क्राइम का ग्राफ तेजी से बढ़ा
  • साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों में 40 फीसदी का इजाफा

कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देश में लॉकडाउन लागू किया गया, लेकिन इस दौरान साइबर अपराधियों की चांदी रही. लॉकडाउन के दौरान राजधानी दिल्ली में साइबर क्राइम का ग्राफ तेजी से बढ़ा. एक ओर जहां लॉकडाउन में लोगों ने ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन लेनदेन की तो वहीं साइबर अपराधियों ने इसे अपना हथियार बना डाला.

इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लॉकडाउन के दौरान साइबर अपराध को लेकर आने वाली शिकायतों में करीब 90 फीसदी से ज्यादा का इजाफा हुआ है.वहीं पिछले साल की तुलना में इस साल ऐसे साइबर अपराध को लेकर आई शिकायतों में भी करीब 40 फीसदी से ज्यादा इजाफा हुआ है.

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दिल्ली में खासतौर से ऑानलाइन धोखाधड़ी में डेबिट-क्रेडिट कार्ड, ई-वॉलेट से संबंधित, कॉलिंग व फिशिंग के जरिए और इंटरनेट बैंकिंग संबंधित धोखाधड़ी से जुड़े अपराध बढ़े हैं. पुलिस को मिली शिकायतों में वित्तीय धोखाधड़ी की करीब 50 फीसदी से ज्यादा शिकायतें आई हैं, जबकि ऑनलाइन उत्पीड़न को लेकर 20 फीसदी, बाकी दूसरे प्रकार की भी 20 फीसदी शिकायतें पुलिस के पास आई हैं.

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पुलिस को जो शिकायतें मिली हैं उनमें 60 फीसदी से ज्यादा शिकायतें ऑनलाइन ही मिली हैं. इसकी वजह ये रही कि लॉकडाउन के दौरान लोगों ने पुलिस के पास जाने के बजाए फोन से संपर्क कर ईमेल पर ही शिकायत भेजी. पिछले साल की तुलना में इस साल साइबर अपराध के मामलों में करीब 49 फीसदी ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं.

लॉकडाउन से पहले आईं शिकायतें

2020 जनवरी——–1260

2020 फरवरी———1849

2020 मार्च(24 तक)–900

कुल शिकायत———4009

लॉकडाउन के बाद आई शिकायतें

25 मार्च से 30 अप्रैल तक—-3858

2020 मई——–3430

2020, 15 जून —804

ऐसे में दिल्ली पुलिस का साफतौर पर यही कहना है कि किसी भी संदिग्ध ई-मेल को खोलने से बचें और सोशल मैसेजिंग ऐप सहित अन्य दूसरे ऑनलाइन माध्यमों से आने वाली सूचनाएं और लिंक को बिना जांच-पड़ताल के नहीं खालें.

पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया और बैंकिंग गतिविधियों के लिए मजबूत पासवर्ड और बहुस्तरीय विकल्प का उपयोग करें. किसी अनजान शख्स से व्यक्तिगत डिटेल न साझा करें.

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