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झारखंड: चुनावी रैली से शाह की हुंकार, 2024 तक देश से बाहर होंगे घुसपैठिए

केंद्रीय गृहमंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का प्रयोग कर सभी घुसपैठियों को 2024 तक देश से प्रत्यर्पित कर दिया जाएगा.

केंद्रीय गृहमंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने झारखंड के चाईबासा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, “एनआरसी को लागू करके सभी घुसपैठियों को 2024 तक देश से खदेड़ दिया जाएगा. क्या झारखंड के लोग घुसपैठियों को देश से बाहर भेजना चाहते हैं? प्रत्येक घुसपैठियों को देश से बाहर कर दिया जाएगा. यह नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली भाजपा सरकार है और हम एनआरसी को लागू करेंगे.”

उन्होंने कहा कि झारखंड के लोगों के लिए राष्ट्रीय मुद्दे भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं. राज्य के कई जवान देश की रक्षा के लिए सीमाओं पर हैं. उन्होंने कहा, “10 वर्ष के संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के कार्यकाल में कोई भी पाकिस्तान से आता था और देश में विस्फोट कर देता था. जवानों के सिर धड़ से अलग कर दिए जाते थे. भाजपा सरकार में, उरी और पुलवामा हमलों का पाकिस्तान में घुसकर और उनके आतंकवादी शिविरों को तबाह कर बदला लिया गया.”

अमित शाह ने राम मंदिर और अनुच्छेद 370 मामले को ’70 सालों तक लटकाने के लिए’ कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, “आज राहुल गांधी झारखंड में हैं और मैं झारखंड में उन्हें भाजपा के पांच साल से उनके 55 सालों की तुलना करने की चुनौती देता हूं. झारखंड विकास की राह पर चल चुका है. भाजपा ने जनजातीय लोगों समेत राज्य के लोगों के लिए काफी काम किए हैं.”

इस दौरान अमित शाह ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि क्या ये घुसपैठिए आपके चचेरे भाई लगते हैं क्या? उन्होंने कहा, “झारखंड सरकार ने जनजातीय लोगों के धर्मातरण को रोकने के लिए कानून की रूपरेखा तैयार की है.” उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो)-कांग्रेस गठबंधन पर भी निशाना साधा.

शाह ने कहा, “हेमंत सोरेन ने कांग्रेस के साथ गठबंधन केवल सत्ता हथियाने के लिए किया है. जब झामुमो अध्यक्ष शिबु सोरेन अलग राज्य के लिए लड़ रहे थे, कांग्रेस इसका विरोध कर रही थी. हम राज्य का विकास चाहते हैं. भाजपा ने भ्रष्टाचार मुक्त सरकार दी है.”

उन्होंने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मतदाताओं को लुभाते हुए कहा, “भाजपा ने मौजूदा जनजातीय दलितों के आरक्षण से छेड़छाड़ किए बगैर यहां सत्ता में आने के बाद ओबीसी के आरक्षण को बढ़ाने के लिए एक समिति गठित करने का फैसला किया है.”

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