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जम्मू में 4G इंटरनेट सेवा अभी नहीं, फर्जी आदेश की कॉपी हो रही वायरल

  • जम्मू-कश्मीर में 4जी इंटरनेट सेवा नहीं
  • फर्जी लेटर हो रहा है वायरल

कोरोना वायरस को लेकर पूरे देश में लॉकडाउन है. इस बीच बुधवार को खबर आई कि जम्मू-कश्मीर के जम्मू केंद्र शासित प्रदेश में 4जी इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई है. इस संबंध में जम्मू-कश्मीर सरकार के नाम से एक लेटर भी वायरल होने लगा. जिसमें दावा किया गया कि बुधवार रात 12 बजे से जम्मू के सभी जिलों में हाई-स्पीड (4जी) मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल होगी. हालांकि कश्मीर के किसी भी जिलों में 4जी इंटरनेट सेवा बहाल करने को लेकर कोई फैसला नहीं किया गया है. पत्र में यह भी दावा किया गया कि कश्मीर के जिलों में इंटरनेट सेवा लागू किए जाने पर फिलहाल विचार किया जा रहा है.

पत्र में चेतावनी देते हुए कहा गया था कि यह आदेश 25 मार्च 2020 से लागू है. इस दौरान अगर कोई शख्स इंटरनेट का गलत इस्तेमाल करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस खत के आखिर में प्रिंसिपल सेक्रेटरी IAS शालीन काबरा के हस्ताक्षर दिख रहे हैं.

हालांकि इस पत्र के सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद जम्मू पुलिस मीडिया सेंटर ने अपने ट्विटर अकाउंट पर स्पष्टीकरण जारी किया. उन्होंने वायरल हो रहे खत को फर्जी बताते हुए लिखा, ‘केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में अब तक 4जी इंटरनेट सेवा बहाल करने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है. लेकिन सोशल मीडिया में एक पत्र वायरल हो रहा है जो पूरी तरह से नकली है. कोई भी व्यक्ति फैलाए जा रहे इस अफवाह की कड़ी ना बने.’

बता दें, जम्मू-कश्मीर में 5 अगस्त (विशेष राज्य का दर्जा खत्म किए जाने के बाद से) से ही इंटरनेट को लेकर कड़े प्रतिबंध जारी हैं. हालांकि इस दौरान 2 जी सेवाएं बहाल जरूर की गई हैं लेकिन 3जी और 4जी सेवाओं पर प्रतिबंध जारी है.

जम्मू-कश्मीर प्रशासन का कहना था कि घाटी में अफवाह फैलाने की कोशिश की जा रही है. लोग अफवाह फैलाकर जम्मू और कश्मीर की शांति व्यवस्था को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं. इसी वजह से अस्थाई तौर पर कुछ दिनों के लिए घाटी में इंटरनेट बैन करने का आदेश जारी किया गया है.

24 जनवरी को बहाल हुई थी सेवाएं

24 जनवरी को घाटी में 2जी मोबाइल सेवाओं को शुरू कर दिया गया था. पोस्टपेड और प्रीपेड मोबाइल फोन की सुविधाएं भी शुरू कर दी गई थीं. 5 महीनों तक घाटी में लगातार प्रतिबंध जारी था. हालांकि जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पहले केवल 301 वेबसाइटों को ही खोलने की अनुमति दी थी.

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टेलीकॉम सेवाओं पर लगी थी पाबंदी

टेलीकॉम सेवाओं पर जैसी ही अनुच्छेद 370 हटाया गया था प्रशासन ने रोक लगा दी थी. केंद्र सरकार ने जम्मू और कश्मीर के पूर्ण राज्य का दर्जा खत्म करते हुए केंद्र शासित प्रदेश बना दिया था. साथ ही राज्य का बंटवारा करते हुए लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश के तौर पर मान्यता दे दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई के दौरान इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाने पर नाराजगी जाहिर की थी और यह भी कहा था कि घाटी में इंटरनेट सुविधाएं बहाल की जाएं.

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