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गुजरात: स्वदेशी वेंटिलेटर पर सवाल, कांग्रेस ने बताया ऑक्सीजन मशीन

  • स्वदेशी वेंटिलेटर धमन-1 पर कांग्रेस के सवाल
  • आरोग्य सचिव ने वेंटिलेटर देने को देशभक्ति बताया

गुजरात में अब धमन वेंटिलेटर को लेकर राजनीति गरमा गई है. एक ओर जहां कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के दोस्त की कंपनी को प्रमोट करने के लिए लोगों की जान से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है. वहीं बुधवार को गुजरात की आरोग्य सचिव ने कहा कि वेंटिलेटर में कुछ बदलाव किए जा रहे हैं और कोरोना जैसी महामारी के वक्त इस तरह से इतने वेंटिलेटर मुहैया कराना देशभक्ति है.

गुजरात में कोरोना के बढ़ते आंकड़े और खास कर अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में कोरोना की वजह से होने वाली मौत की तादाद ने यहां पर कुछ दिनों पहले लाए गए स्वदेशी वेंटिलेटर धमन-1 पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं. सिविल अस्पताल में इस वक्त 250 धमन वेंटिलेटर रखे गए हैं. चौंकाने वाली बात ये है कि अहमदाबाद में अब तक कोविड की वजह से 550 लोगों की मौत हुई है. इसमें अकेले सिविल कोविड अस्पताल में 350 से अधिक मौतें हुई हैं.

इस बीच अहमदाबाद सिविल अस्पताल के सीनियर डॉक्टर के एक पत्र ने खलबली मचा दी है. पत्र में लिखा गया है कि अस्पताल में 100 हाई एंड वेंटिलेटर चाहिए क्योंकि धमन-1 वेंटिलेटर कोविड के मरीजों के लिए सही नतीजे नहीं दे रहे हैं. ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि क्या अब तक गुजरात सरकार धमन-1 वेंटिलेटर का इस्तेमाल कर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रही थी. हालांकि इस पत्र के आने के बाद कांग्रेस ने वेंटिलेटर को फर्जी बताते हुए कहा कि ये सिर्फ एक ऑक्सीजन मशीन है न कि वेंटिलेटर है.

वहीं कांग्रेस ने ये भी आरोप लगाए कि 5 अप्रैल को मुख्यमंत्री ने इस वेंटिलेटर को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए घोषणा की थी और इस मशीन का रजिस्ट्रेशन ही 14 अप्रैल को किया गया है. जबकि 15 अप्रैल को महज 24 घंटे के अंदर मशीन को इस्तेमाल करने की अनुमति कैसे मिल सकती है.

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इस मामले में गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा ने कहा, राजकोट की कंपनी ज्योति सीएनसी जो कि मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के दोस्त की कंपनी है. इस पर लगे आरोप को लेकर आनन-फानन में गुजरात सरकार के जरिए बयान जारी किया गया और खुद आरोग्य सचिव ने कहा कि मशीन को डीजीसीआई के रजिस्ट्रेशन की जरूरत नही है. कंपनी मशीन में कुछ बदलाव कर उसे दोबारा जरूरत के मुताबिक अपग्रेड कर रही है.

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दूसरी ओर आरोग्य सचिव जंयति रवि ने कहा कि कांग्रेस वेंटिलेटर के फेक होने का आरोप लगा रही है, तो वहीं गुजरात सरकार इस मशीन को कोरोना जैसी महामारी के वक्त जीवनदान मान रही है. सच्चाई यह भी है कि गुजरात सरकार के पास 550 से ज्यादा सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर हैं, जबकि अब तक कोविड के जितने भी आंकड़े सरकार की ओर से दिए गए हैं, उनमें कभी पूरे गुजरात में 50 से ज्यादा मरीजों को एक साथ वेंटिलेटर पर नहीं रखा गया.

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