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कोरोना संकटकाल में राजस्थान के नेता मस्त और जनता त्रस्त

  • लग्जरी होटल में मौज मस्ती कर रहे विधायक
  • राजस्थान में कोरोना का लगातार बढ़ रहा प्रकोप

कोरोना से राजस्थान में लोगों की मौतें हो रही हैं, लेकिन नेता अपने में मस्त हैं और अपने लिए राहत का रास्ता निकाल रहे हैं. तीन दिन के लिए सचिन पायलट को राजस्थान हाईकोर्ट से राहत की एक किस्त मिल गई, लेकिन दूसरे नेता लड़ रहे हैं. यहां लड़ें नेता और भरे जनता. अब कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि सभी विधायकों को कुछ दिन के लिए लग्जरी फेयर माउंट होटल में रहना पड़ सकता है.

कोरोना से राजस्थान के आम लोगों की जान जा रही है और यहां विधायक सेहत दुरुस्त करने के लिए होटल में योग मुद्रा में लीन है. गहलोत सरकार को अपने समर्थन से चलाने वाले ये विधायक यहां लजीज पकवान का आनंद ले रहे हैं, जबकि उनके क्षेत्र के लोगों को समझ नहीं आ रहा कि वो कोरोना के कहर से कैसे बचें?

जनता को कोरोना काल में ऑक्सीजन मिल रहा है या नहीं, इसकी किसी को चिंता नहीं हैं. गहलोत सरकार की सांसें जिन विधायकों के समर्थन ने बचा रखी है, वो विधायक होटल में फिल्मों का आनंद ले रहे हैं. वो कभी थ्री इडियट्स और लगान फिल्म देखते हैं, तो कभी शोले, क्रांति और मुगले आजम. गहलोत सरकार को बचाने वाले करीब 100 विधायकों को 12 जुलाई से फेयर माउंट होटल में रखा गया है.

यहां इनके लिए 90 कमरे बुक कराए गए हैं और एक कमरे का एक दिन का किराया है 8000 रुपये है. 10 दिन हो गए यानी 10 दिन का खर्चा हुआ 72 लाख रुपये. इतने के बावजूद अभी पता नहीं कि होटल में ये विधायक कितने दिन अभी और मौज-मस्ती करेंगे. 10 दिन में 72 लाख रुपये का खर्चा तो होटल के कमरे पर हुआ. इसके अलावा तड़क-भड़क और वैभव विलास में अलग से खर्च हुआ.

फेयर माउंट होटल में 100 पुलिस कर्मी तैनात

काश, यही पैसा कोरोना के खिलाफ लड़ाई में खर्च होता, तो राजस्थान की जनता को लगता कि उनका वोट देना सार्थक हो गया. हालांकि कांग्रेस ऐसे काम के लिए अपने जेब से पैसा क्यों देगी भला. कांग्रेस को अपनी सरकार के विधायकों पर यकीन नहीं है और न ही बीजेपी पर यकीन है कि वह उसके विधायकों को तोड़ लेगी. मतलब यह कि इसमें भी पैसे का खेल है और इस खेल को रोकने के नाम पर होटल फेयर माउंट में सुरक्षा का ऐसा घेरा है कि परिंदा भी पर नहीं मार सके. शिफ्टों में सौ पुलिसवाले यहां तैनात हैं.

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विरोधी पार्टियों के खौफ में जीती सरकार और जीती राजनीति का यही हाल होता है. राज्य में कोरोना के मामले 35 हजार पहुंच गए हैं. सूबे में हफ्ते भर में पांच हजार से ज्यादा कोरोना के मामले बढ़े हैं. भले ही कोरोना से लड़ने में पैसे की कमी आ जाती है और राजस्थान सरकार की तिजोरी दिल्ली का मुंह देखने लगती है, लेकिन सत्ता के वर्चस्व में पता नहीं किस धन्ना सेठ की तिजोरी खुल जाती है.

होटलों पर खूब पैसा खर्च कर रही कांग्रेस

पिछले महीने जब राज्यसभा के लिए चुनाव हो रहे थे, तो कांग्रेस को खटका लग गया कि बीजेपी दूसरे राज्यों की तरह राजस्थान में भी उसके विधायकों को तोड़ लेगी. फिर क्या था, विधायकों को पहुंचा दिया लग्जरी होटल में. तब 9 जून से 11 जून तक दो दिन 112 विधायक और मंत्री शिव विलास होटल और रिजॉर्ट में रुके थे, जहां उनके लिए 80 कमरे बुक थे. एक कमरे का एक दिन का किराया 9 हजार रुपये थे, उस हिसाब से दो दिन का खर्च आया 14 लाख 40 हजार रुपये.

11 जून को इन्हें जेडब्लू मैरियट होटल में ले जाया गया, जहां 90 कमरे बुक थे. यहां एक कमरे का एक दिन का किराया 8 हजार रुपये है. यहां ये विधायक 19 जून तक यानी 8 दिन रहे यानी कुल खर्चा आया 57 लाख 60 हजार रुपये हुआ. इस तरह राज्यसभा में अपना वोट सुरक्षित रखने के लिए कांग्रेस को होटल पर ही 72 लाख रुपये खर्च करने पड़े.

सरकार को नहीं आम जनता की परवाह

आपको लगता होगा कि 72 लाख रुपये में तीन हजार लोगों का कोरोना टेस्ट हो जाता, लेकिन सरकार के मंत्री कह रहे हैं कि हमारे विधायकों के होटल वाले सुख सुविधा पर नजर क्यों है? हम क्या इतने गए गुजरे हैं कि होटल का खर्चा भी नहीं दे सकते? बिल्कुल दे सकते हैं. सरकार नहीं महाराज हैं. पैसे की क्या कमी है. कमी हो जाती है, उन लोगों के लिए जो इस लोकतंत्र के देवता हैं, जिन्हें जनता जनार्दन कहते हैं, लेकिन उनकी बर्बादियों और पीड़ा की कब्र पर सत्ता की कुर्सी अपनी बुलंदी देखती है.

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यही हाल दूसरे खेमे का भी है. सचिन पायलट खेमे के विधायकों को हरियाणा में मानेसर के आटीसी ग्रैंड भारत होटल में ठहराया गया है. विधायकों को एक साथ खाने और खेलने पर पाबंदी है. इन्हें इनके कमरे में ही नाश्ता, लंच और डिनर दिया जा रहा है. इन्हें लॉबी में भी बैठने की इजाजत नहीं है. चाहे गहलोत खेमा हो या सचिन पायलट का खेमा, सबको अपनी सियासी गोटी लाल करनी है. अब इस चक्कर में राज्य के लोगों का चेहरा कोरोना के डर से काला पड़ रहा है, तो पड़ा रहे.

गहलोत बोले- डटे रहो ,कुछ दिन और होटल में रुकना पड़ सकता है

दिल्ली से जयपुर तक कांग्रेस और बीजेपी के नेता लड़ रहे हैं. कभी एक दूसरे से तो कभी अपनी ही पार्टी के नेताओं से. लेकिन इनके सुख और आराम में कोई कमी नहीं है. होटल में विधायकों के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा भी कि चट्टान की तरह डटे रहो, कांग्रेस हो या BJP, कोई नहीं चाहता कि चुनाव हो और विधानसभा भंग हो. आपको होटल में कुछ दिन और रुकना पड़ सकता है. यानी राजस्थान में कोरोना अपना रिकॉर्ड तोड़ता रहेगा और मुख्यमंत्री जी के हिसाब से उनके विधायक मौज-मस्ती में नया रिकॉर्ड बनाते रहेंगे.

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